लाठी गांव में शुक्रवार को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का आयोजन बड़े ही धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। यह दिन पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की यौम-ए-पैदाइश की याद में समर्पित है।
जुलूस और नारे-तकबीर से गूंजा गांव
कार्यक्रम की शुरुआत मदरसे से जुलूस के साथ हुई। जुलूस मुस्लिम पाड़ा से होते हुए कब्रिस्तान पहुंचा और वापस मदरसे में आकर सम्पन्न हुआ। इस दौरान शामिल लोगों ने नारे-तकबीर और सलाम पढ़ते हुए पैगंबर साहब की शिक्षाओं और संदेश को याद किया।
तकरीर कार्यक्रम और शिक्षाओं पर प्रकाश
मदरसे में आयोजित तकरीर कार्यक्रम में वक्ताओं ने मोहम्मद साहब की शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। मदरसा कमेटी सदस्य शाबीर खलीफा ने कहा कि पैगंबर साहब ने हमेशा अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया। आज समाज को उनकी राह—सचाई, ईमानदारी और इंसानियत—को अपनाने की सबसे ज्यादा जरूरत है।
अमन-चैन और सौहार्द की दुआ
ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में भाग लिया और देश में अमन-चैन तथा आपसी सौहार्द बनाए रखने की दुआएं की। लाठी गांव में मनाया गया यह जश्न पूरे क्षेत्र में शांति और भाईचारे का संदेश लेकर आया।
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