जैसलमेर के बासनपीर में छतरी विवाद पर प्रशासन सख्त, धारा-163 लागू

हथियारों पर रोक, 5 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी

AI द्वारा निर्मित चित्र: जैसलमेर के बासनपीर गांव में छतरी विवाद के बाद पुलिस तैनाती
AI द्वारा जनरेटेड इमेज में जैसलमेर के बासनपीर गांव में छतरी निर्माण विवाद के बाद सुरक्षा बल की तैनाती दर्शाई गई है।

जैसलमेर
जैसलमेर के बासनपीर गांव में छतरी निर्माण को लेकर उपजे विवाद के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 (पुरानी धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। उपखंड अधिकारी एवं उपखंड मजिस्ट्रेट सक्षम गोयल ने बुधवार को यह आदेश जारी किए, ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे और किसी प्रकार की साम्प्रदायिक अशांति को रोका जा सके।

क्या है मामला?

गौरतलब है कि बासनपीर गांव के तालाब किनारे पुरानी छतरियों को दोबारा बनाने को लेकर विवाद गहरा गया था। प्रशासन से अनुमति मिलने पर 10 जुलाई को झुंझार रामचंद्र सिंह सोढ़ा व पालीवाल जी की छतरियों का पुनर्निर्माण शुरू हुआ। तभी गांव के दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने इसका विरोध करते हुए पथराव कर दिया। महिलाओं ने भी इसमें भाग लिया। इस दौरान कई गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई, पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और पथराव में कांस्टेबल सहित चार लोग घायल हुए। पुलिस ने कार्रवाई कर 15 से अधिक महिलाओं सहित दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

राजनीतिक हलचल से प्रशासन सतर्क

घटना के बाद जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, पोकरण विधायक महंत प्रताप पूरी, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी व कई पूर्व विधायक और भाजपा नेता मौके पर पहुंचे। इसके अलावा पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी के दौरे के आह्वान तथा पूर्व मंत्री हरीश चौधरी के आगामी 19 जुलाई को बासनपीर आने की घोषणा के चलते प्रशासन ने हालात फिर न बिगड़ें, इस दृष्टि से बुधवार को धारा-163 लागू कर दी।

आदेश में क्या-क्या प्रावधान?

एसडीएम सक्षम गोयल द्वारा जारी आदेश के अनुसार:

  • कोई भी व्यक्ति अपने पास आग्नेय शस्त्र (रिवाल्वर, पिस्तौल, रायफल, बन्दूक, आदि) या धारदार हथियार (गंडासा, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू आदि) लेकर सार्वजनिक स्थलों पर नहीं घूम सकेगा और न ही प्रदर्शन करेगा।
  • 5 या उससे अधिक व्यक्ति एक स्थान पर बिना अनुमति एकत्र नहीं हो सकेंगे।
  • बिना पूर्व अनुमति सभा, रैली, जुलूस व प्रदर्शन पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।
  • कोई भी व्यक्ति लाउडस्पीकर या ध्वनि प्रसार यंत्र बिना अनुमति उपयोग नहीं कर सकेगा।
  • साम्प्रदायिक सद्भावना को आहत करने वाले नारे, भाषण, पोस्टर, पेम्पलेट, ऑडियो-वीडियो प्रचार पूर्णत: वर्जित रहेगा।
  • यह आदेश राजकीय ड्यूटी पर हथियार रखने को अधिकृत कर्मचारियों और धार्मिक परम्परानुसार सिख समुदाय की कृपाण पर लागू नहीं होगा।
  • आदेश की अवहेलना करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अफवाहों से बचें, प्रशासन का सहयोग करें

एसडीएम सक्षम गोयल ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन हालात पर पूरी नजर बनाए हुए है तथा कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


Discover more from THAR CHRONICLE

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Google search engine

Leave a Reply