Monday, February 9, 2026
Homeजिला वार खबरेजैसलमेरहेलीबोर्न सर्वे से पोकरण में जल संकट के स्थायी समाधान की उम्मीदें...

हेलीबोर्न सर्वे से पोकरण में जल संकट के स्थायी समाधान की उम्मीदें मजबूत

जैसलमेर
पोकरण विधानसभा क्षेत्र में किए गए हेलीबोर्न सर्वे के परिणाम जल संकट से जूझ रहे पश्चिम राजस्थान के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के विशेष प्रयासों से वर्ष 2021 में कराए गए इस अत्याधुनिक सर्वे ने उन इलाकों में भी भूजल संभावनाओं के संकेत दिए हैं, जहां पारंपरिक तरीकों से पानी नहीं मिल पा रहा था।

केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट में बड़े संकेत

केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा जिला कलक्टर जैसलमेर को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, पोकरण क्षेत्र के कई गांवों में भूजल उपलब्धता की स्पष्ट संभावनाएं सामने आई हैं। यह सर्वे एनजीआरआई हैदराबाद और राज्य भूजल विभाग के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ।

फलसूंड से छायन तक वैज्ञानिक अनुसंधान

सर्वे के अंतर्गत पोकरण विधानसभा क्षेत्र में फलसूंड से छायन एवं धुडसर से राजगढ़ तक विस्तृत भू-भाग में गहन वैज्ञानिक अध्ययन किया गया। वरिष्ठ भूजल वैज्ञानिक डॉ. नारायण दास इणखिया के अनुसार, अब तक अल्प-जल वाला माने जाने वाले क्षेत्रों में भी भूजल मिलने की प्रबल संभावनाएं उजागर हुई हैं।

64 स्थानों पर भूजल के संकेत

हेलीबोर्न सर्वे में कुल 64 स्थानों पर भूजल उपलब्धता के संकेत मिले हैं, जिनमें से 55 ऐसे स्थल हैं जहां पहले कभी पानी नहीं मिला था। करीब 15 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में हुए इस सर्वे से न केवल जल स्रोतों की पहचान हुई, बल्कि भूजल पुनर्भरण के लिए उपयुक्त क्षेत्रों का भी पता चला है।

आपातकालीन जल आपूर्ति में मिलेगा सहारा

हालांकि पोकरण व भनियाणा उपखंड में नहर का पानी पेयजल के लिए उपलब्ध है, फिर भी इन चिन्हित स्थलों पर नलकूप निर्माण से आपात परिस्थितियों में आमजन को जल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकेगी। विशेष रूप से फलसूंड क्षेत्र में भूजल की उपलब्धता सामने आना भविष्य की जल सुरक्षा के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।


Discover more from THAR CHRONICLE

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

RELATED ARTICLES

Leave a Reply

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments