फुलेरा
कस्बे की ऐतिहासिक रेलवे रामलीला सोमवार को ऐसी सजी कि पूरा नगर रामभक्ति में सराबोर हो गया। गलियों में “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारे गूंजे, और छतों व चौबारों से श्रद्धालु राम बारात का दीदार करने को उमड़ पड़े। अयोध्यापुरी रंगमंच से निकली प्रभु श्रीराम की बारात ने झांकियों, ढोल-नगाड़ों और नृत्यरत बारातियों के साथ ऐसा माहौल बनाया कि मानो मिथिला की धरती पर ही सब उपस्थित हों।

बारात जब मेजर दलपत सिंह सर्कल पहुंची, तो वहां पुष्पवर्षा और रावणा राजपूत समाज के आतिथ्य ने पल को और ऐतिहासिक बना दिया। प्रभु श्रीराम और माता सीता का अलौकिक दृश्य, जिसमें लक्ष्मण उनके चरणों में झुके और माता सीता ने वरमाला डाल दी, पूरे मैदान में श्रद्धालुओं को भावविभोर कर गया।

रात्रि में विवाह और कन्यादान की रस्मों के साथ भंडारे का आयोजन किया गया। महिलाओं की भावुकता, बुजुर्गों की नम आंखें और बच्चों की मासूम संवेदनशीलता ने इस पर्व को जनकपुरी में गहराई से स्थापित कर दिया।
रावणा राजपूत समाज के रमेश सिंह पंवार एवं उनकी धर्मपत्नी ने माता-पिता की भूमिका निभाई, जबकि समाज के प्रबुद्धजन और मातृशक्तियां कार्यक्रम में उपस्थित रहे। स्थानीय कलाकारों के अभिनय ने ब्रिटिश काल से चली आ रही रामलीला को आज भी जीवंत और भावनात्मक बनाए रखा।
Discover more from THAR CHRONICLE
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

