जैसलमेर, ओरण टीम द्वारा चलाए जा रहे धरने का आज पांचवा दिन रहा। जिलेभर में ओरण आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला और कई ग्राम पंचायतों में लगे सेवा शिविरों का बहिष्कार किया गया।
कुंडा, मोढ़ा, बांधा, खुईयाला, हड्ढा, मोहनगढ़, धायसर, सोढाकोर, घंटियाली और सत्याया सहित कई स्थानों पर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शिविरों में भाग नहीं लिया। ग्रामीणों ने सेवा शिविरों में पहुंचे प्रभारी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर ओरण, गोचर, तालाबों और खडीन के आगोर को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने यह भी आग्रह किया कि कलेक्ट्रेट में लंबित ओरण संबंधी पत्रावलियों को तुरंत दर्ज किया जाए और नई पत्रावलियां तैयार करवाई जाएं।
धरने में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान सुमेरसिंह सांवता, कुन्दन सिंह मोकला, भोपालसिंह झलोड़ा, दुर्गसिंह सत्याया, सुजानसिंह सलखा, रेवंतसिंह पारेवर, चतुरसिंह दवाड़ा, अमरसिंह खुहड़ी, अनोपसिंह बडोड़ागांव, तेजसिंह मेहराजोत, रमेशसिंह, मनोहरसिंह मोकला, भोमसिंह भैसड़ा, गिरधरसिंह जोगिदासगांव, मानाराम कंडेल, कानसिंह जोगा, सवाईसिंह राघवा, सवाईसिंह देवड़ा, केसरसिंह झिनझिनयाली, लिलुसिंह बड्डा, जोरावरसिंह जोगा, सताराम बरमसर, लालसिंह गजसिंहकागांव, पुंजराजसिंह, सांग सिंह भाटी देवड़ा और तनसिंह भेलाणी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
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