जैसलमेर।
तनोट शक्तिपीठ से जयपुर के लिए शुरू हुई ओरण बचाओ पदयात्रा आठवें दिन प्रातः डेलाजी के स्मारक पर पूजा-अर्चना के साथ आगे बढ़ी। पदयात्रा चनेसर की ढाणी, सोढाकोर और लाठी होते हुए शाम को शक्तिपीठ भादरिया माता मंदिर पहुंची। यहां टीम ओरण के सदस्यों ने मातेश्वरी की आरती में भाग लिया और ओरण भूमि के संरक्षण के लिए अरदास की।
पदयात्रा के मार्ग में पड़ने वाले गांवों में ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर पदयात्रियों का स्वागत किया और आंदोलन को समर्थन देने का भरोसा जताया।
इस बीच ओरण बचाओ आंदोलन को जनप्रतिनिधियों का समर्थन भी मिलने लगा है। विधानसभा सत्र से पूर्व मीडिया से बातचीत में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि ओरण भूमि बचाने के लिए जैसलमेर के युवाओं को जयपुर तक पदयात्रा करनी पड़ रही है, जो गंभीर विषय है। उन्होंने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों पर ओरण संरक्षण को लेकर उदासीनता का आरोप लगाया।
भाजपा के पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी तथा भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष हाथीसिंह मुलाना ने भी पदयात्रा को समर्थन दिया है।

युवा उद्यमी एवं भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता वीरेंद्र सिंह रामगढ़ ने पदयात्रा में शामिल होकर चेतावनी दी कि यदि जैसलमेर सीमा पार करने से पहले टीम ओरण की मांगों पर सरकार ने निर्णय नहीं लिया, तो वे धरना व भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
सोशल मीडिया पर भी पदयात्रा को व्यापक समर्थन मिल रहा है। जेएनवीयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद सिंह भाटी ने सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थन जताया, वहीं छात्र नेता मोती सिंह जोधा ने वीडियो जारी कर लोगों से ओरण बचाओ आंदोलन के समर्थन की अपील की। प्रवासी बंधुओं द्वारा भी सहयोग की अपील की जा रही है।
टीम ओरण ने जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वे सरकार पर दबाव बनाकर ओरण गोचर भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराएं। साथ ही चेताया कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वहीं पनराजसर स्थित गोरक्षक पनराज जी के माघ मेले में क्षेत्रवासियों ने ओरण बचाओ पदयात्रा की सफलता और ओरण भूमि संरक्षण के लिए विशेष अरदास की।
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