कुलदीप छंगाणी
साल था 2016, जब हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में एक ऐसी वेबसाइट आई, जिसकी भाषा भीष्म साहनी के उपन्यास तमस की तरह क्लिष्ट नहीं, बल्कि सत्य व्यास के बनारस टॉकीज की तरह आम बोलचाल की थी। लोगों ने इस भाषा से खुद को जोड़ा और कुछ ही वर्षों में Lallantop न्यू मीडिया की पहली पसंद बन गया।
Lallantop ने अपनी वेबसाइट और वीडियो प्लेटफॉर्म पर खबरों से इतर ऐसा कंटेंट परोसना शुरू किया, जो सीधे आम लोगों से संवाद करता था। यह सब संभव हुआ इंडिया टुडे ग्रुप के Lallantop के संपादक सौरभ द्विवेदी के नेतृत्व में। करीब दस साल की यात्रा के बाद सौरभ द्विवेदी ने Lallantop को अलविदा कह दिया है।
सोमवार को सौरभ द्विवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X लिखा कि
यूँ ही आबाद रहेगी दुनिया, हम न होंगे, कोई हमसा होगा।
शुक्रिया @TheLallantop मान, पहचान और ज्ञान के लिए।
एक अल्पविराम के बाद नई यात्रा की तैयारी।
(शेर—नासिर काज़मी)
अपना साथ यहाँ समाप्त होता है। अध्ययन अवकाश और फिर आगे के संकल्प की बात करूँगा। आप सबने बहुत सिखाया। शुक्रिया।

इससे पहले न्यूज़ रूम में केक काटते हुए एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें सौरभ अपनी टीम के साथ काम के इस अध्याय को भावुक विदाई दे रहे थे।
सौरभ द्विवेदी के Lallantop छोड़ने पर कई लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि ऐसा क्यों हुआ ?
हालाँकि, सौरभ ने अपने संदेश में किसी नए क्षेत्र का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है, लेकिन मीडिया से जुड़े कुछ दोस्तों और करीबी लोगों के अनुसार वे अब फिल्म लेखन या प्रोडक्शन को आजमाएंगे यानी कि अब सौरभ बॉलीवुड वालों के साथ काम करेंगे । इसी उद्देश्य से उन्होंने फिलहाल “अध्ययन अवकाश” लेने की बात कही है।
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