पोकरण (जैसलमेर)। केंद्र सरकार द्वारा हालिया बजट में तंबाकू उत्पादों पर टैक्स वृद्धि के बाद पोकरण कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों की कालाबाजारी शुरू होने की शिकायतें सामने आई हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि दुकानदार निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूल रहे हैं।
गोदामों में स्टॉक जमा करने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि थोक व्यापारियों ने पहले से ही भारी मात्रा में माल स्टॉक कर रखा है और अब बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर दी गई है। इसके चलते खुदरा दुकानदारों को माल ऊंचे दामों पर मिल रहा है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
सिगरेट पर 40 से 50 रुपये तक अधिक वसूली
जानकारी के अनुसार जिन सिगरेट पैकेटों पर 90 या 95 रुपये एमआरपी अंकित है, उन्हें 140 से 160 रुपये तक में बेचा जा रहा है। वहीं 10 रुपये का गुटखा 20 रुपये तक और तंबाकू के पाउच 5 से 10 रुपये अतिरिक्त कीमत पर दिए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी अधिक गंभीर बताई जा रही है।
बिना बिल बिक्री और निगरानी पर सवाल
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि कई स्थानों पर बिना बिल के बिक्री की जा रही है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने उपखंड प्रशासन से बाजार में औचक निरीक्षण कर एमआरपी से अधिक वसूली करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
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