पादूकलां। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के एक्शन प्लान के तहत एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता के निर्देशन में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
️ निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
अधिकार मित्र जुगल सिंह सोलंकी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि आमजन अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।
शिविर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी दी गई और बताया गया कि जरूरतमंद व्यक्ति इस नंबर पर संपर्क कर कानूनी परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
कार्यक्रम में साइबर अपराधों से बचाव के उपाय विस्तार से बताए गए। विद्यार्थियों को फर्जी कॉल से सतर्क रहने, किसी को भी ओटीपी साझा नहीं करने तथा सुरक्षित डिजिटल लेन-देन करने के बारे में जागरूक किया गया।

बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी
शिविर में बाल विवाह को दंडनीय अपराध बताते हुए इसकी सूचना प्रशासन या विधिक सेवा प्राधिकरण को देने का आह्वान किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि समाज में जागरूकता लाकर ही इस कुप्रथा को समाप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापिका दीपिका हल्दानिया, परमाराम, रामनिवास, सुरेश चन्द्र दाधीच, सुरेश तिवाड़ी, गजेन्द्र सिंह राजपुरोहित, पुखराज बेडा, मनीषा नराहणिया, राजेश शर्मा (शा. शिक्षक) सहित विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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