सूरतगढ़ | रिपोर्ट – थार क्रॉनिकल
रबी सीजन में गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद को लेकर किसानों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जबकि सरसों की खरीद को लेकर अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है।
सरसों की कटाई शुरू, लेकिन खरीद नीति नहीं
रबी सीजन में क्षेत्र में सबसे पहले सरसों की फसल की कटाई होती है और यही फसल सबसे पहले मंडियों में बिक्री के लिए पहुंचती है। इसके बावजूद सरसों की सरकारी खरीद को लेकर न तो दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और न ही किसानों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे सरसों उत्पादक किसानों में चिंता बढ़ने लगी है।
गेहूं पर पहले जारी हो गए निर्देश
वहीं दूसरी ओर गेहूं की फसल की कटाई में अभी समय लगना बाकी है, इसके बावजूद सरकार द्वारा गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर कई संशोधित घोषणाएं पहले ही जारी कर दी गई हैं। इस स्थिति ने सरसों की खेती करने वाले किसानों को और अधिक असमंजस में डाल दिया है।
किसानों के मन में कई सवाल
किसानों का कहना है कि सरसों की फसल जल्द ही मंडियों में पहुंचने लगेगी, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि सरकारी खरीद कब शुरू होगी, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कब खुलेगा, भुगतान की प्रक्रिया क्या होगी और सरसों किस समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। इन सवालों के जवाब का इंतजार किसान कर रहे हैं।
समय पर नीति नहीं बनी तो नुकसान की आशंका
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते सरसों की सरकारी खरीद को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए तो उन्हें मजबूरन अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचनी पड़ सकती है। किसानों ने सरकार से जल्द ही स्पष्ट नीति और खरीद प्रक्रिया घोषित करने की मांग की है, ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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