बाड़मेर।
राजस्थान के बच्चों को अपनी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने और स्थानीय इतिहास व पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिजिटल बाल मेला 2026 का नया अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत बच्चों को अपने जिले की ऐसी अनजानी और खास बातों को सामने लाने का अवसर मिलेगा, जो अब तक प्रदेश के लोगों के सामने नहीं आई हैं। विजेता बच्चों को ₹50,000 का नकद पुरस्कार और तीन दिन जयपुर भ्रमण का अवसर भी मिलेगा।
राजस्थान स्थापना दिवस पर होगा जयपुर बाल महोत्सव
डिजिटल बाल मेला के तहत राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय जयपुर बाल महोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम अप्रैल माह में सांगानेर स्थित पिंजरा पोल गौशाला में आयोजित होगा, जिसमें राजस्थान के सभी 41 जिलों के बच्चे भाग ले सकेंगे।
इस महोत्सव में बच्चों को अपने जिले की विशेषताओं, इतिहास, पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक धरोहर को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा।
बच्चों को बनाना होगा अपने जिले पर वीडियो
फ्यूचर सोसाइटी के अध्यक्ष सुशील शर्मा ने पोस्टर विमोचन के अवसर पर बताया कि मुख्यमंत्री ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि बच्चे अपने जिले की उन विशेष बातों को सामने लाएं जो अभी तक अनजानी हैं।
डिजिटल बाल मेला की संस्थापक जान्हवी शर्मा के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ना, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना और राजस्थान के विभिन्न जिलों की समृद्ध परंपराओं को समझने का अवसर प्रदान करना है।
हर जिले की झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुति
इस आयोजन में राजस्थान के हर जिले की झांकी देखने को मिलेगी। बच्चे अपने जिले के पर्यटन स्थल, लोक परंपराएं, नवाचार, इतिहास और गुमनाम नायकों के बारे में जानकारी जुटाकर उसे वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना वीडियो बनाकर डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट digitalbaalmela.com पर या व्हाट्सएप नंबर 8005915026 पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
स्कूलों और अभिभावकों से भी अपील
जिलास्तर पर इस अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। स्कूलों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को अपने जिले के इतिहास, पर्यटन और परंपराओं के बारे में जानने और उन्हें साझा करने के लिए प्रेरित करें।
विजेता को मिलेगा नकद इनाम और जयपुर भ्रमण
जयपुर बाल महोत्सव के माध्यम से बच्चे राजस्थान के पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प, लोक संगीत और गुमनाम नायकों को भी सामने ला सकते हैं। प्रतियोगिता में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जिले को ₹50,000 का नकद इनाम दिया जाएगा। वहीं प्रत्येक जिले से चयनित चार बच्चों को तीन दिन का जयपुर भ्रमण कराया जाएगा।
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