आसपुर (डूंगरपुर), राजस्थान | संवाददाता – सादिक़ अली
राजस्थान के आसपुर थाना क्षेत्र के पाड़लाजानी गांव में बीती रात लेपर्ड के हमले से हड़कंप मच गया। एक ही रात में 23 भेड़ों के मासूम बच्चों को मौत के घाट उतार दिए जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, वहीं पशुपालकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
सुबह सामने आया खौफनाक मंजर
गड्डा निवासी पशुपालक रूपा गय़ारी रोज की तरह अपनी करीब 230 भेड़ों को चराने जंगल गए थे। शाम को लौटकर उन्होंने 27 बच्चों को बाड़े में सुरक्षित बांध दिया था, लेकिन रात के अंधेरे में लेपर्ड बाड़े में घुस आया। सुबह जब वे बाड़े में पहुंचे तो 23 बच्चों की लाशें पड़ी मिलीं, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल थे।
इस घटना से रूपा गय़ारी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पशुपालक का कहना है कि इतनी बड़ी क्षति की भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा।

वन विभाग और पुलिस मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही राजस्थान पुलिस की आसपुर थाना टीम और वन विभाग मौके पर पहुंचे। वन विभाग की रेंजर सोनम मीणा ने टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मौके पर लेपर्ड के पैरों के स्पष्ट निशान मिले, जिससे पुष्टि हुई कि हमला लेपर्ड ने ही किया है।
वन विभाग ने पीड़ित पशुपालक को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। साथ ही लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखने और आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।
ग्रामीणों में डर और आक्रोश
गांव में लेपर्ड की दस्तक से ग्रामीण भयभीत हैं। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि लेपर्ड को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, ताकि वे और उनके पशु सुरक्षित रह सकें।
फिलहाल गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण रात में सतर्कता बरत रहे हैं।
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