क्रॉनिकल डेस्क
जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में 25 दिसंबर को हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। कस्बे के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई की गई और सड़क पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। जानकारी के मुताबिक यह उन दुकानों के कब्जे है जिनके मालिकों को पुलिस ने 25 दिसंबर की घटना के समय डिटेन किया था ।
जानिए पूरा मामला
25 दिसंबर को चौमूं के बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद के पास सड़क पर पड़े पत्थरों को हटाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। प्रशासन का कहना है कि ये पत्थर यातायात में बाधा बन रहे थे और लंबे समय से वहां अवैध अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई थी। प्रशासन की मुस्लिम समाज के लोगों से पत्थर हटाने को लेकर बातचीत हो गई थी और समाज के लोग इस कार्यवाही के लिए मान भी गए थे लेकिन पत्थर हटाने और रेलिंग लगाने की कार्रवाई के दौरान अचानक माहौल बिगड़ गया और कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा । घटना के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी थीं। पुलिस ने मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया और वीडियो फुटेज व सीसीटीवी के आधार पर पहचान कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बिना पूर्व सूचना के नहीं की गई। नगर परिषद द्वारा पहले ही कई बार नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। तय समय सीमा में कब्जे नहीं हटाए जाने के बाद गुरुवार को बुलडोजर चलाकर सड़क किनारे बने अवैध निर्माण, सीढ़ियां, रैंप और पत्थर हटाए गए।
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल, आरएसी और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सार्वजनिक रास्तों को अतिक्रमण मुक्त करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। हालांकि अभी तक मुस्लिम पक्ष का इसको लेकर कोई बयान नहीं आया प्रशासन की कार्यवाही कितनी सही है और कितनी गलत यह तो आने वाले समय तथ्यों के सामने के आने के बाद ही पता चलेगी ।
Discover more from THAR CHRONICLE
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

