रामदेवरा | जैसलमेर, रिपोर्टर : लक्ष्मण राम, थार क्रॉनिकल न्यूज़
रामदेवरा चौराहा पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा वर्षों पूर्व लाखों रुपये की लागत से निर्मित गैंगहट भवन आज घोर उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। कभी विभागीय कर्मचारियों के ठहराव और कार्यों के लिए उपयोग में आने वाला यह भवन अब जर्जर हालत में पहुंच चुका है। देखरेख के अभाव में भवन की दीवारें और छत क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जबकि परिसर में घनी झाड़ियां उग आई हैं।
हजारों वर्गफुट में फैला भवन, कोई सुध लेने वाला नहीं
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह गैंगहट भवन लगभग 40 से 50 हजार वर्गफुट क्षेत्र में निर्मित है, लेकिन निर्माण के बाद से इसकी नियमित देखरेख नहीं की गई। परिसर में जगह-जगह पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं।

अनदेखी से बढ़ रहा खतरा
भवन की बदहाल स्थिति न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि आसपास के रहवासियों के लिए भी यह खतरे का कारण बनती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
भादवा मेले में हो सकता है उपयोग
ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते गैंगहट भवन की मरम्मत, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था कर दी जाए तो लोकदेवता बाबा रामदेव जी के भादवा मेले के दौरान इसे यात्रियों और श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए उपयोग में लिया जा सकता है। इससे एक ओर सरकारी संपत्ति का सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं को सुविधा भी मिल सकेगी।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
लंबे समय से चली आ रही इस अनदेखी पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और प्रशासन से मांग की है कि गैंगहट भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए, परिसर की सफाई हो और सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि करोड़ों की सरकारी संपत्ति को पूरी तरह नष्ट होने से बचाया जा सके।
अधिकारियों से संपर्क, जवाब नहीं
थार क्रॉनिकल चैनल द्वारा जब इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क साधने का प्रयास किया गया, तो उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया।
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