रामदेवरा (जैसलमेर)। रिपोर्टर: लक्ष्मण राम
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र की समझ यदि बाल अवस्था से ही विकसित की जाए, तो भावी पीढ़ी अधिक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बन सकती है। इसी उद्देश्य को लेकर बाबा रामदेव विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं रामदेव पब्लिक स्कूल सीनियर सेकेंडरी, रामदेवरा द्वारा संयुक्त रूप से बाल संसद का गठन किया गया।
कक्षा 6 से 11 तक के विद्यार्थियों ने निभाई सक्रिय भूमिका
इस आयोजन में कक्षा 6 से कक्षा 11 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों को चुनाव प्रक्रिया, मतदान प्रणाली और लोकतांत्रिक मूल्यों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रत्येक कक्षा से एक-एक कक्षा प्रतिनिधि का चयन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया गया।
विद्यालय स्तर पर प्रधानमंत्री का हुआ चयन
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय स्तर पर प्रधानमंत्री पद के लिए संपूर्ण विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा मतदान प्रक्रिया के माध्यम से चयन किया गया। विद्यार्थियों ने अनुशासन, उत्साह और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए मतदान कर अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।

लोकतंत्र की बुनियादी जानकारी दी गई
प्रधानमंत्री पद पर चयनित विद्यार्थियों को हिंदी माध्यम प्रधानाचार्य नवाज हुसैन द्वारा शपथ दिलाई गई। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए लोकतंत्र की परिभाषा, उसके तीन प्रमुख स्तंभ—विधानपालिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही मतदान के अधिकार, नागरिक कर्तव्यों, संविधान की भूमिका और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब नागरिक शिक्षित, जागरूक और जिम्मेदार हों।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस से जुड़ा उद्देश्य
अंग्रेजी माध्यम प्रधानाचार्य निलेश शर्मा ने चुनाव परिणाम घोषित करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस, मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक प्रणाली की कार्यप्रणाली से परिचित कराना है, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
सफल आयोजन में शिक्षकों की अहम भूमिका
प्राथमिक प्रभारी श्रवणसिंह तंवर ने हिंदी माध्यम के चुनाव परिणाम घोषित किए। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अध्यापक भंवर सिंह तंवर, भोम सिंह तंवर एवं विक्रम सिंह राजपुरोहित के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में पूर्णतः लोकतांत्रिक वातावरण देखने को मिला। इस पहल से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की शक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास हुआ। विद्यालय प्रशासन का यह प्रयास विद्यार्थियों को लोकतंत्र की जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुआ।
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