पादूकलां। लम्बे इंतजार और कठिन हालातों के बाद हुई बरसात अब किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। लगातार सूखे जैसी स्थिति के कारण खेतों में खड़ी फसलें मुरझाने लगी थीं, लेकिन 22 अगस्त को हुई झमाझम बारिश ने खेतों में नई जान फूंक दी। मूंग, बाजरा और अन्य खरीफ की फसलें जो पानी की कमी से खराब होने लगी थीं, अब फिर से लहलहाने लगी हैं।
समय पर बारिश से पैदावार की उम्मीद
किसानों का कहना है कि यदि यह बारिश समय पर होती रही तो फसलें अच्छी तरह पककर तैयार होंगी। इससे न सिर्फ नुकसान की भरपाई होगी बल्कि पैदावार भी बेहतर रहेगी। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश का क्रम जारी रहा तो किसान इस सीजन में अच्छा उत्पादन कर पाएंगे।

किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
गांव-गांव के खेतों में हरियाली देखकर किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। जहां कुछ दिन पहले तक मायूसी और चिंता का माहौल था, वहीं अब उम्मीद और उत्साह की लहर है। बारिश ने खेतों की प्यास बुझाकर किसानों के दिलों को भी ताजगी दी है।
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