मकराना : अब्दुल सलाम
मकराना। संगमरमर नगरी मकराना में जैन धर्मगुरु आचार्य महाश्रमण के प्रवास के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। आचार्य श्री के नगर भ्रमण पर जगह-जगह पुष्पवर्षा, जयघोष और सम्मान-स्वागत किया गया। नागरिकों ने श्रीरामधन रांदड़ भवन पहुंचने पर उनका भव्य अभिनंदन किया।
गिरनार शिखर सामायिक स्वाध्याय भवन का लोकार्पण
प्रवास के दौरान बाईपास आरओबी के पास स्थित गिरनार शिखर सामायिक स्वाध्याय भवन का लोकार्पण किया गया। इसे आध्यात्मिक गतिविधियों, साधना और स्वाध्याय के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बताया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

प्रवचन में दिया सामाजिक समरसता का संदेश
रांदड़ भवन में प्रवचन देते हुए आचार्य महाश्रमण ने कहा कि अनेकता में एकता खोजना ही समझदारी का पहला तकाजा है। समाज की असली शक्ति उसकी विविधता में निहित होती है। सभी धर्म और समुदाय मूल रूप से समान हैं, अंतर केवल मार्गों और मान्यताओं का है। उन्होंने मकराना संगमरमर का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे मकराना का संगमरमर सदा चमकता और वैसा ही रहता है, वैसे ही समाज को अपनी मूल मानवीय संवेदनाओं को अक्षुण्ण रखना चाहिए।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक जकीर हुसैन गैसावत, प्रधान सुनीता भीचर, अन्य जनप्रतिनिधि तथा सर्व समाज के सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित रहे। सभी ने आचार्य श्री के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें समाज में आत्मसात करने का संकल्प लिया।

सीमा पर हुआ भव्य स्वागत, गौसेवा कार्यों की सराहना
सुबह से ही मकराना की सीमा पर सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चे एकत्रित हो गए थे। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ, श्री जैन संघ मकराना और सर्व समाज के संयुक्त तत्वावधान में आचार्य श्री का भव्य स्वागत किया गया। मकराना पहुंचने पर वे सबसे पहले मंगलाना रोड स्थित युवा हिंदू गौ रक्षा सेवा समिति द्वारा संचालित गौवंश चिकित्सालय पहुंचे, जहां उन्होंने गौवंश संरक्षण, उपचार व्यवस्था और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। गौसेवा से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
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