Saturday, March 14, 2026
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रावतसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 567 मामलों का मौके पर हुआ निस्तारण

रावतसर, जिला हनुमानगढ़ रिपोर्टर: जगत जोशी

रावतसर न्यायालय परिसर में शनिवार को इस वर्ष की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लंबित मामलों का आपसी समझाइश के माध्यम से मौके पर ही निपटारा किया गया। लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं के संयुक्त प्रयास से विभिन्न प्रकार के मामलों में पक्षकारों के बीच समझौता करवाकर विवादों का समाधान कराया गया।

समझाइश के माध्यम से कराया गया समझौता

लोक अदालत की कार्यवाही के दौरान एडीजे राजन खत्री, एसीजेएम हेतराम मूंड तथा बेंच सदस्य अधिवक्ता एम.एल. शर्मा और उमाशंकर गौड़ ने पक्षकारों को समझाइश देते हुए आपसी सहमति से मामलों का राजीनामा करवाया। इस दौरान दांडिक शमनीय प्रकरण, दीवानी प्रकृति के मामले, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण के मामले, बैंक वसूली से जुड़े प्रकरणों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निस्तारण किया गया।

कम समय में विवाद समाधान का प्रभावी मंच

लोक अदालत को संबोधित करते हुए न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत ऐसा मंच है, जहां कम समय में विवादों का समाधान संभव होता है। इससे पक्षकारों का समय और धन दोनों की बचत होती है और आपसी संबंधों में कटुता भी नहीं रहती। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण की दूरदर्शी सोच के कारण लोक अदालत की यह व्यवस्था आमजन के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो रही है।

3.85 करोड़ रुपये से अधिक की अवार्ड राशि पारित

इस लोक अदालत में एडीजे, एसीजेएम, जेएम और राजस्व न्यायालयों से रेफर किए गए मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणों पर भी सुनवाई करते हुए समाधान कराया गया। कुल 567 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जिनमें लगभग 3 करोड़ 85 लाख 76 हजार 228 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।

बड़ी संख्या में अधिवक्ता और पक्षकार रहे मौजूद

इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी संजय अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और पक्षकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अधिवक्ता बलराम कस्वां, संतलाल बिजारनिया, अर्जनलाल वर्मा, अशोक भादू, पंकज कुमार, संदीप डेलू, पवन सारस्वत, हितेश शर्मा, अंकुर गैदर, रीडर किशन छाछिया, जयसिंह कस्वां, नौरंगलाल काला, अंकित अग्रवाल सहित अनेक अधिवक्ताओं और आमजन की उपस्थिति रही। लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों के निस्तारण से न्यायालय परिसर में संतोष और राहत का माहौल देखने को मिला।


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