सूरतगढ़। मुख्यमंत्री द्वारा राज्य बजट में सूरतगढ़ में नए कोर्ट कॉम्पलेक्स के निर्माण हेतु 20 करोड़ रुपये व्यय करने की घोषणा के बाद अधिवक्ताओं का लंबे समय से जारी आंदोलन समाप्त हो गया। बजट घोषणा के साथ ही आमरण अनशन सहित सभी विरोध कार्यक्रमों को वापस लेने की घोषणा की गई।
बार संघ पिछले 30 जनवरी से नए न्यायालय भवन के लिए बजट आवंटन तथा एक अतिरिक्त अपर जिला न्यायालय की स्थापना की मांग को लेकर आंदोलनरत था। आंदोलन के तहत क्रमिक अनशन चल रहा था, जबकि 19 फरवरी से अधिवक्ता सतवीर सिहाग आमरण अनशन पर बैठे हुए थे।
शुक्रवार शाम सरकार द्वारा बजट में घोषणा किए जाने के बाद शनिवार सुबह धरना स्थल पर अनशनकारी की पुत्री विशाखा चौधरी ने उन्हें जूस पिलाकर आमरण अनशन तुड़वाया। इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया।
बार संघ अध्यक्ष अनिल भार्गव ने इसे अधिवक्ताओं की एकता और संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि मुख्य मांग पूरी होने से क्षेत्र के नागरिकों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए न्यायालय भवन का लाभ मिलेगा।
दूसरे अपर जिला न्यायालय की मांग के संबंध में उन्होंने बताया कि मामला प्रक्रियाधीन है और सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय की उम्मीद की जा रही है। आंदोलन समापन सभा को बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्य कुलदीप शर्मा, श्रीगंगानगर बार संघ के पूर्व अध्यक्ष सीताराम बिश्नोई तथा बार संघ राजस्व सचिव सहाबराम स्वामी ने संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं की एकजुटता की सराहना की और सरकार का आभार व्यक्त किया।
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