सूरतगढ़, राजस्थान
सूरतगढ़ थर्मल – बीते शनिवार रात थर्मल कॉलोनी में रहने वाले युवा कर्मचारी राहुल जांगिड़ की मृत्यु प्राथमिक उपचार में हुई लापरवाही के कारण हुई। सांस लेने में तकलीफ के बाद राहुल स्वयं थर्मल डिस्पेंसरी पहुंचे, लेकिन समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर और जरूरी दवाएं न मिलने से उनकी जान चली गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ ऑक्सीजन सिलेंडर तक नहीं खोल सका और जीवन रक्षक इंजेक्शन या अन्य दवाएं भी समय पर नहीं दी गई। करीब आधे घंटे तक तड़पने के बाद राहुल ने दम तोड़ दिया। कॉलोनी में ही रहने वाले चिकित्सक दंपति घटना के 20–25 मिनट बाद पहुंचे।
इस घटना के बाद थर्मल कर्मचारियों, श्रमिक संगठनों और भाजपा देहात मंडल अध्यक्ष विकास शेखावत सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई। इंटक के प्रदेश महामंत्री श्याम सुंदर शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कॉलोनी डिस्पेंसरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से प्रतिनियुक्त डॉक्टर और स्टाफ गैरजिम्मेदाराना रवैया अपना रहे हैं। हर साल लाखों का बजट होने के बावजूद आवश्यक दवाएं और इंजेक्शन समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाते।
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