कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार रात भाद्रपद पूर्णिमा और साल के अंतिम चंद्र ग्रहण के अवसर पर मंदिरों में विशेष आयोजन हुए। देर रात तक मंदिरों में भजन-कीर्तन की गूंज बनी रही और श्रद्धालु भक्ति भाव से पूजा-अर्चना करते नजर आए।
कस्बे के रैदास मोहल्ले स्थित गंगामाई मंदिर परिसर में महिलाओं ने “गणपति वंदना”, “हमारी सभा में रंग बरसाओ”, “सतगुरु सा प्रेम प्यालो पायो” जैसे भजनों से भक्तिमय वातावरण तैयार किया। रात्रि भर चलने वाले इस आयोजन में “थाली भरकर लाई खिचड़ो”, “खम्मा-खम्मा रुणीजा”, “छोटी-छोटी गईया छोटे-छोटे ग्वाल”, “राधिका गोरी से बिरज की छोरी” जैसे भजनों पर महिलाएं झूम उठीं।
भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की और चंद्र ग्रहण के इस विशेष अवसर पर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। रात देर तक मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती रही और भक्ति का यह उत्सव पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।
Discover more from THAR CHRONICLE
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

