मकराना।
मकराना शहर के जामिया हनफिया नजमुल उलूम मदरसा में रविवार को 15वां जश्ने दस्तारबंदी का भव्य जलसा आयोजित किया गया। इस अवसर पर मकराना एवं आसपास के क्षेत्रों के कुल 20 बच्चों को हाफिज, आलीम और कारी की उपाधि से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार स्थित खानकाहे मुनअमिया के सज्जाद नशीन सैयद शमीमुद्दीन शरीफ उपस्थित रहे, जबकि मुख्य वक्ता के तौर पर जोधपुर से आए सैयद नूर मियां अशरफी ने शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इल्म के साथ अमल का होना बेहद जरूरी है और इस्लाम के पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद साहब के जीवन से प्रेरणा लेकर उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए।
जलसे में दिल्ली से आए मौलाना अब्दुल मुहिद अजहरी सहित अन्य मौलानाओं ने भी प्रभावशाली तकरीरें पेश कीं। कार्यक्रम की निजामत सैयद सोहेल कादरी फातिमा ने की, जबकि नात और मनकबत मोहम्मद सलमान अजहरी द्वारा प्रस्तुत की गई।
इस मौके पर अंजुमन सदर मौलाना गुलाम सैयद अली, मदरसा के नाजिम-ए-आला मौलाना अबरार अली अशरफी, जामिया के सदर हाजी सादिक अहमद सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पूरे आयोजन में दीनी उत्साह, इल्मी वातावरण और रूहानी फिजा देखने को मिली।
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