सूरतगढ़।
राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ में बाल दिवस के उपलक्ष्य में भाषा विभाग और स्वर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में विवेकानंद हॉल में भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजस्थानी, पंजाबी और हिंदी के युवा व वरिष्ठ कवियों ने अपनी मनभावन प्रस्तुतियाँ देकर छात्र-छात्राओं को भाव-विभोर कर दिया।
सांस्कृतिक एवं साहित्यिक आयोजन समिति की संयोजक चंद्रकला ने बताया कि कवि सम्मेलन की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. रणजीत कौर ने की। उन्होंने सभी कवियों, अतिथियों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि साहित्य मनुष्य को संवेदनशील बनाता है और समाज में नैतिक गिरावट को रोकने की शक्ति रखता है। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं के साथ-साथ विश्व साहित्य का अध्ययन कर समकालीन सृजन में योगदान देने का आह्वान किया।

कवि सम्मेलन में सूरतगढ़ क्षेत्र के प्रतिष्ठित कवि राजेश चड्ढा, रमेशचंद्र छाबड़ा, डॉ. हर्ष भारती और यशपाल शर्मा ने विभिन्न विषयों पर अपनी प्रभावी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। वीररस, ओजस्वी गीतों और भावपूर्ण कविताओं ने विद्यार्थियों में साहित्यिक संवेदना और रचनात्मक ऊर्जा का संचार किया।
इस अवसर पर 13 नवंबर को आयोजित काव्य-पाठ प्रतियोगिता के विजेताओं—संतोष (प्रथम), निशा (द्वितीय) और तमन्ना (तृतीय)—को मंच पर उपस्थित वरिष्ठ कवियों द्वारा सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों ने भी आमंत्रित कवियों की उपस्थिति में काव्य-पाठ कर कार्यक्रम को नई ऊँचाइयाँ दीं।

युवा कवि कमलेश कुमार, मनीष कुमार, तथा युवा कवयित्रियाँ संतोष कुमारी, निशा कुमारी, अर्चना, दीक्षा और तमन्ना द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी व हिंदी कविताओं को खूब सराहना मिली। कवियों की प्रस्तुति ने विद्यार्थियों का उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाया।
वरिष्ठ कवि रमेशचंद्र छाबड़ा ने बाल दिवस पर पंडित जवाहरलाल नेहरू के जीवन पर आधारित कविता प्रस्तुत की, जबकि डॉ. हर्ष भारती ने युवा जीवन और सामाजिक विषयों से जुड़े मुक्तक सुनाए।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और साहित्यिक अभिरुचि को बढ़ावा देने वाला बताया।
Discover more from THAR CHRONICLE
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

