मकराना। रिपोर्टर: अब्दुल सलाम
समाज में दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। मकराना के बूटसू रोड स्थित मेहरा की ढाणी में श्री सांगलिया पीठाधीश्वर श्री श्री 108 साहेब श्री ओमदास जी महाराज की प्रेरणा से एक विवाह बिना दहेज और पूर्ण सादगी के साथ सम्पन्न हुआ।
जेठा राम मेहरा की पुत्री बिमला का विवाह बीती रात सीकर जिले के मानासी की ढाणी (नेछवा) निवासी बजरंग लाल तानाण के पुत्र विक्रम तानाण के साथ हुआ। यह विवाह विश्व विख्यात अखिल भारतीय सांगलिया धूणी के पीठाधीश्वर स्वामी ओमदास जी महाराज के मंगल सानिध्य में सम्पन्न हुआ।
केवल एक रुपया और नारियल में हुआ कन्यादान
इस विवाह की विशेषता यह रही कि कन्यादान के समय शगुन के तौर पर मात्र एक रुपया और नारियल देकर बेटी को विदा किया गया। दोनों परिवारों ने महाराज श्री की प्रेरणा से दहेज का पूर्णतः त्याग करते हुए सादगी से विवाह करने का संकल्प लिया।

युवाओं को आगे आने का आह्वान
पीठाधीश्वर स्वामी ओमदास जी महाराज ने कहा कि विवाह में दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों को त्यागने के लिए आज के युवाओं को आगे आना चाहिए। इससे गरीब और सामान्य परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा बेटियों की शादी बिना कर्ज के सम्पन्न हो सकेगी। उन्होंने कहा कि दहेज मुक्त विवाह से समाज और परिवार दोनों मजबूत होंगे।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर सूजानगढ़ पीठ से श्री केसवदास जी महाराज, मकराना मेघवाल समाज सेवा समिति से समाजसेवी गंगाराम तानाण, उपाध्यक्ष मदनलाल खारड़िया, रामचंद्र मलिंडा (एडवोकेट), मोहनलाल कटारिया (जयपुर), जेठाराम चांडी, प्रेमाराम मेहरा, प्रिंसिपल बाबूलाल बुनकर, अशोक कुमार गोड़ (देवरी), नरेंद्र कुमार, दुलाराम बैरवाल (नंगवाड़ा), अर्जुन राम चांडी, संग्राम सिंह सानेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गाजे-बाजे के साथ महाराज श्री का स्वागत किया गया।
यह विवाह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि परंपराओं को निभाते हुए भी सादगी और सामाजिक सुधार को अपनाया जा सकता है।
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