लोकेशन: मकराना
रिपोर्टर: अब्दुल सलाम
मकराना शहर में माहे रमजान के दूसरे जुमा की नमाज अकीदत और श्रद्धा के साथ अदा की गई। शहर की विभिन्न मस्जिदों में सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज की तैयारियों में जुटे नजर आए। अजान से पहले ही बड़ी संख्या में नमाजी मस्जिदों में पहुंच गए और इबादत में मशगूल हो गए।
मोहम्मदिया मस्जिद में तकरीर के दौरान जकात पर जोर
मोहम्मदिया मस्जिद में जुमा की तकरीर करते हुए इमाम रूकनुद्दीन ने कहा कि जरूरतमंदों की मदद करने से अल्लाह राजी होता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में जकात का विशेष महत्व है और अपनी कमाई में से हर ₹100 पर ढाई रुपए जकात के रूप में अदा करना चाहिए। रमजान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इस पाक महीने में एक नेकी के बदले 70 नेकियों का सवाब मिलता है, इसलिए अधिक से अधिक नेक कार्य करें और गुनाहों से दूर रहें।

युवाओं को इबादत की नसीहत
इमाम ने युवाओं को विशेष रूप से नसीहत देते हुए कहा कि वे रात में व्यर्थ घूमने के बजाय इबादत और नेक कार्यों में समय लगाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा सवाब हासिल कर सकें।
जुमा की नमाज के बाद देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। रमजान के इस पाक महीने में शहर में धार्मिक माहौल और भाईचारे की भावना देखने को मिल रही है।
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